जानिए किस झिंक खाद पर है भारी छूट?
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मायक्रोन्यूट्रीअंट उर्वरको मे जिंक वाले उर्वरक सबसे अधिक इस्तेमाल होते है. झिंक अत्यावश्यक पोषक घटक है.
उच्च उत्पादकता वाले फसलों की उपज बार बार लेने से तथा उपज के साथ साथ फसल के रेसीड्यू को भी व्यापारी उपयोग में लाने से, मिटटी में जिंक जैसे पोषक घटकों की लगातार कमी हो रही है. जिंक जैसे पोषण घटक के असंतुलन से अन्य घटककों के असंतुलन को बढ़ावा मिलता है. इसीलिए जिंक के उर्वरकों का इस्तेमाल खूबी से करना होगा.
यहा जिंक युक्त उर्वरकों की पूरी जानकारी दे रहे है. आशा करते है के किसान भाइयों का हमारा यह प्रयास पसंद आएगा.
झिंक उर्वरकों की सूचि- जिंक सल्फेट (२१%)
- जिंक सल्फेट (३३%)
- चिलेटेड जिंक (१२ %)
- जिंक ऑक्साइड सस्पेंशन (३९.५)
- मायक्रोनैज सल्फर (६७%) और जिंक (१४%) का मिश्रण
- जिंक सोल्युबीलायझींग बायो फर्टिलायझर
जिंक सल्फेट (२१%): यह एक बल्क केमिकल है जिसमे जिंक सल्फेट एक रेणू के साथ पाणी के साथ रेणू जुडे होते है. इसकी उपलब्धता ५, १०, २५ और ५० किलों के बैगो में कियी जाती है. पानी की भाप बन जाने से इस बैग में उर्वरक की गाठे या पिंड बन जाते है जिन्हें तोड़ना पड़ सकता है. जिंक सल्फेट में अक्सर नमक की मिलावट कियी जाती है. इसीलिए यह खाद खरीदते समय जाने माने कंपनी की बैग, पक्के रसीद के साथ ले.
किसानोंको हर साल इसकी ५ से १० किलो प्रति एकड़ की मात्रा बेसल डोस या कम्पोष्ट के साथ मिलाकर देनी चाहिए ताकि उर्वरक संतुलन बना रहे.
जिंक के किसीभी उर्वरक के इस्तेमाल के बाद अगर फसल का हरा रंग गहरा नही होता तो उर्वरक मिलावटी या बनावटी होने की आशंका है. पक्की रसीद हो तो आप इसकी कम्प्लेंट जिला कृषि गुण नियंत्रण अधिकारी को कर सकते है. जो सेम बैच के उत्पादन की सैम्पलिंग कर लैब टेस्टिंग करवा सकता है.
जिंक सल्फेट (३३%): यह भी एक बल्क केमिकल है जिसमे जिंक सल्फेट एक रेणू के साथ पाणी का एक रेणू जुड़ा होता है. इसकी उपलब्धता ५०० ग्राम और १ किलों के बैगो में कियी जाती है. लोकल लैब केमिकल के दुकाने जहा स्कूलों तथा कंपनी लैब के लिए केमिकल मिलते है वहा आपको २५ किलो का बैग भी मिल सकता है. जिंक सल्फेट (२१%) का इस्तेमाल ना किया हो तो आप इसकी ३ से ८ किलो प्रति एकड़ की मात्रा बेसल डोस या कम्पोष्ट के साथ मिलाकर दे सकते है. १० ग्राम प्रति लिटर के घोल का फसलों पर छिडकाव कर सकते है. यह छिडकाव फसल पर फुल लगने से पहले करे.
चिलेटेड जिंक (१२ %): यह एक स्पेशालिटी केमिकल है जिसमे जिंक १२ प्रतिशत के साथ इडीटीए नामक चिलेटिंग एजंट होता है. इसको पानी में मिलाने पर चिलेंटिंग एजंट जिंक को कसकर अकड लेता है. इससे जिंक पानी के घोल में बना रहेता है और फसल को तेजी से जिंक की आपृति होती है. इसका इस्तेमाल बेसल डोस या कम्पोष्ट के साथ कभी ना करे. आप इसको ड्रीप से या छिडकाव से दे सकते है. ड्रिप से देने के लिए २०० लिटर साफ़ पानी में प्रति एकड़ १ किलो दे. छिडकाव से देने के लिए १ ग्राम प्रति लिटर के औसत से दे.
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जिंक ऑक्साइड सस्पेंशन (३९.५): यह एक स्पेशालीटी फोर्म्युला है जिमसे जिंक ३९.५ प्रतिशत होता है. इसका इस्तेमाल बेसल डोस या कम्पोष्ट के साथ कभी ना करे. आप इसको ड्रीप से या छिडकाव से दे सकते है. ड्रिप से देने के लिए, प्रति एकड़, २०० लिटर साफ़ पानी में २५० मिली मिलाए. छिडकाव १ मिली प्रति लिटर के औसत से करे. इसका उपयोग फसल पर फुल लगने से पहले करे. एमेजन पर यारा के झिनट्रेक ७०० पर भारी छुट ओर अलग अलग ऑफर्स है.
मायक्रोनैज सल्फर (६७%) और जिंक (१४%) का मिश्रण: यह सबसे अनोखा और पावरफुल फोर्म्युला है. ४ किलो प्रति एकड़ के औसत से सिचाई से दे सकते है. बेसल डोस में मिला सकते है. इस पर विस्तृत जानकारी और ऑफर के लिए यहा क्लिक करे 
जिंक सोल्युबीलायझींग बायो फर्टिलायझर: अगर साइल टेस्टिंग से आपको मिटटी में जिंक की भारी मात्रा होने के साथ साथ ऑर्कागेनिक कार्बन ०.५ प्रतिशत से अधिक हो तो हो यह जीवाणु खाद है जिसको सिचाई से दे सकते है. इसमें बेसिलस मेगाथेरियम जीवाणु होता है जो मिटटी में बसा जिंक सोल्युबीलाइज कर सकता है. इसका छिडकाव कभी ना करे कोई फायदा नही होगा. १ लिटर प्रति एकड़ के औसत से २०० लिटर पानी और २ किलो गुड का घोल बनाए और ८ घंटे के बाद सिचाई में छोड़े. २५ प्रतिशत से अधिक छुट पाने के लिए यहाँ क्लिक करे.
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धन्यवाद!




