प्याज के लिए सबसे बेहतर शाखनाशी कोनसा है?
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प्याज में खरपतवार ९० प्रतिशत नुकसान कर सकती है! इसीलिए खरपतवार प्रबंधन करना जरूरी है. प्रति एकड़ २५ से ३० में. टन उपज का लक्ष्य रखकर अगर आप प्रति वर्ग फुट पर ९ पौधे लगाते हो तो खरपतवार को पनपने के लिए जगह नही मिलेगी.
पौधों को इतनी घनी आबादी में लगाने से आपके एक एकड़ में ३ लाख तक पौधे लगेंगे! अगर हर पौधे से १०० ग्राम की प्याज बनेगी तो कुल उत्पादन ३० में. टन हो सकता है! लेकिन इसके लिए आपके मिटटी में भरपूर उर्वरता होना जरूरी है. तो आप अच्छा बेसल डोस दोगे.
मिटटी की उर्वरता बढने से खरपतवार उग आनेकी आशंका फिरसे बढ़ जाएगी! शुरुवाती ३०-45 दिन तक खरपतवार को उगने से रोखा गया तो प्याज के पौधों की जड़े मिटटी में अच्छेसे जम जाएगी और खरपत वार जड़ों को जमने का मौका ही नही मिलेगा.
इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखे.
पौधे लगाने से पहले पेंडामिथालीन ३८.७% सी एस का ३ मिली प्रति लिटर का छिडकाव करे. पेंडामिथालीन संकरी और चौड़ी पत्ती के खरपतवारों को जला देगा.
टाटा के पानीडा ग्रेंड की कीमते किफायती है और उपर दिए लिंक पर क्लिक करके खरीदेंगे तो आपको छुट के साथ साथ कैश बैक, बैंक ओफर का लाभ मिलेगा और एमेझोन की उमदा सर्व्हिसेस भी मिलेगी.
अनेक किसान भाई आजकल प्लास्टिक माल्चिंग शिट का प्रयोग कर रहे है जो खरपतवार प्रबंधन में उपयोगी है. मगर यह ध्यान रहे के २५ मायक्रों के ओनियन स्पेशल शिट का प्रति एकड़ खर्चा १२ से १८ हजार है, जो लागत को बढ़ा देता है. इसमें आपको ड्रिप का इस्तेमाल भी अनिवार्य है जो लागत को और भी बढाता है.
अगर जरुरुत हो तो आप फसल लगाने के बाद आपके पास प्रति लिटर क्वीझेलोफ़ोप एथिल ५% २ मिली के साथ ऑक्सीफ्ल्यूऑरफेन २३.५ % १ मिली का छिडकाव करने का पर्याय होगा. क्यों की इस घोल में दो अलग दवाए एकसाथ मिलानी है, गलती की गुजाइश बढ़ जाती है.
इसलिए आप प्रोपाक्वीझाफ़ोप ५%+ओक्सीफ्लूऑरफेन १२ % इस संयुक्त फोर्म्युले का छिडकाव कर सकते है. यह फ़ॉर्मूला सिर्फ प्याज के लिए ही इस्तेमाल होता है. बाजार में यह डेकेल नाम से उपलब्ध है जिसका एक एकड़ का डोस ३५० मिली का है. बाजार में नकली डेकेल बचने के लिए आप यहा दिखाए पेकिंग को ध्यान से दखे.
बोतल पर अंग्रेजी में ADAMA बना हुआ है उसके आलावा बोतल का शेप और इसके बेस के और बने डिझाइन को ध्यान में रखे. लेबल पर जो चित्र बना है उसमे तिन प्याज दिखाए गये है और हरी भरी फसल के उपर नील आकाश में सफेद बादल का दृश्य बनाया गया है. दुकानों से खरीदते समय इन सारी बातों को परख ले और पक्की रसीद ले जिसपर डेकेल का बैच नम्बर लिखा हुआ हो. एमेजोन से भी खरीद सकते है. जिसके अनेक फायदे मिलेंगे.
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- डेकेल एक अनोखा और ताकतवर स्पर्शीय और ब्रोड स्पेक्ट्रम शाखनाशी है जो घास और चौड़ी पत्ती, दोनों प्रकार के खरपतवारो पर असरदार
- दोनों सक्रिय घटकों का काम करने का तरीका अलग अलग है. एक तैलीय पदार्थ के बनने को रोखता है तो दूसरा कोशिका के मेम्ब्रेन में छेद करता है.
- डेकेल का छिडकाव, बीज अंकुरित होने पर, खरपतवारों पर करना है जब उनके २ से ४ पत्ते ही खिले होते है और मिटटी में भरपूर नमी होती है.
- इसके छिडकाव का असर लम्बे वक्त तक होता है तो बार बार छिडकाव नही करना होगा. सक्रिय तत्वों की मात्रा और डोस बेहद कम होने से उपज और मिटटी में रेसीड्यू नहीं आएगा.
प्याज के दामों में होने वाले भारी उतार चढ़ाव से, बेहतर मुनाफा कमाने के लिए, आपको फसल की लागत को कम से कम रखनी होगी. अन्य फसलों के मुकाबले प्याज में खरपतवार से ज्यादा नुकसान होता है इसीलिए घने रोपण के साथ साथ पानीडा ग्रेंड के और डेकेल का इस्तेमाल खूबी से करे. यह किफायती और प्रभावशाली होने से बेहतर खरपतवार प्रबंधन होगा और फसल की लागत कम से कम रहेगी.
आपकी आशंकाए आप कमेंट में पूछ सकते है. लेख को अवश्य शेअर करे.
धन्यवाद!





