रिसेटएग्री का मक्सद
रिसेटएग्री का मक्सद आपके दिमाग पर काबू पाना नहीं है. हम चाहते है के भारतीय किसान समूचे तौर पर विकसित हो. मौत के बाद की मुक्ति किस काम की? अगर हम, हमारे जीवन का सर्वश्रेष्ठ अनुभव् ना करे? क्यों ना इन अनुभवों से "सत्यम - शिवम्- सुंदरम" की खोज हो! कुछ लोग प्रत्यक्ष रूप से गैर वर्त्तन करते हुए, द्रव्य संचय करते है. इस द्रव्य के दम पर खुद को नेक साबित करते है. इन मुठ्ठी भर नकली नेक लोगों से समाज की प्रगति ना होगी. उसके लिए समाज के अधिकतम लोगों के नेक होने की जरूरत है. भाईचारा तभी सम्भव है जब सामाजिक, राजनितिक, औद्योगिक और कृषि में अवसरों की समानता हो. रिसेटएग्री का मक्सद कृषि में अवसरों की समानता लाने का है.
धन्यवाद
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