टमाटर के फुल झड़ने से कैसे रोके?
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समस्या का हल पढने हेतू सिर्फ २ मिनिट काफी है. टमाटर, मिर्च, बेंगन जैसी फलदार सब्जिया, कपास, आम, अमरुद जैसे फल, अंगूर और पायनेपल जैसे फसलों में वक्त से पहेले फुल और फल झड़ने की समस्या अक्सर दिखाई देती है. जलवायु परिवर्तन, पोषक तत्वोंका असंतुलन, संक्रमण आदि परिस्थितियों में यह समस्या बढती है. बेवक्त होनेवाली इस झडन से कास्तकारों का भारी नुकसान होता है.
अगर आपको इस समस्या का सिर्फ हल चाहिए तो अगला पैराग्राफ पढ़े और पूरी जानकारी चाहिए तो पूरा लेख पढ़े. पूरा लेख पढने से आप इस समस्या का बेहतर हल कम से कम खर्चे में कर सकते है.
आप बायर के प्लेनोंफिक्स का २.५ से ५ मिली प्रति १५ लिटर का छिडकाव करे. इसे आप किसीभी उर्वरक, किटनाशक या फफूंदनाशक के साथ मिला सकते है लेकिन अच्छे असर के लिए ऐसा मिश्रण करने से बचना चाहिये. छिडकाव शाम ४ बजे के बाद और सुबह ११ बजे के पहेल करे. यह उत्पादन १००, २५०, ५०० मिली और १ लिटर के पैकिंग में उपलब्ध है. एमेझोन पर उत्पादन खरीदने के लिए विविध विकल्प उपलब्ध है. यहाँ आपको अलग अलग वक्त पर अलग अलग ऑफर मिलते है. तथा इ एम् आय के माध्यम से भी खरीद कियी जा सकती है. यहा क्लिक कर आप इन सुविधाओंका लाभ उठाए.
ऐसी समस्या से कैसे निपटे? यह समझने के लिए हमे एब्सिजन को समझना होगा. वनस्पती जगत मे फुल, फल, पत्ते झड़ने का चलन है. सही वक्त पर यह हिस्से झड़ना प्राकृतिक है. ऐसा करने के लिए डंठल में एब्सिजन लेयर बनता है जो इन हिस्सों को वनस्पति से दूर कर देता है. जब फुल या फल लगते है तब वे औक्जिन नामक एक संकेत रसायन बनाते है. यह संकेत रसायन डंठल को जोडकर रखता है और एब्सिजन लेयर को बनने से रोखता है. अगर ओक्झिन बनना बंद हुआ तो इसके आभाव में कोशिकाए एब्सिजन लेयर बनाके उस हिस्से को वनस्पतिसे अलग कर देती है. जब यह एब्सिजन लेयर बेवक्त बन जाती है तब फुल और फल झड़ने लगते है. इसे रोखने के प्लेनोंफिक्स का छिडकाव करे. इसमें अल्फा नेफ्थिल एसिटिक एसिड यह सक्रिय घटक होता है जो एब्सिजन लेयर को बनने से रोखता है. टमाटर में इसका छिड़काव फ्लोवरिंग के दौरान दो बार करना है.
सवाल जबाब
क्या इसका इस्तेमाल चने में कर सकते है?
फलदार फसलों में इसके प्रयोग की बात कही गयी है. चने में इसका उपयोग ना करे
क्या यह उत्पादन ऑर्गेनिक है?
इसमें दिया गया सक्रीय घटक प्राकृतिक परिस्थितियोमे उपलब्ध होता है, इसीलिए ऑर्गेनिक है.
क्या इसका इस्तेमाल सहजन (ड्रमस्टिक/शेवगा) में हो सकता है?
हो सकता है. लेकिन आवश्यकता नही होती. आप सहजन में केल्शियम नायट्रेट तथा बोरान २० का छिडकाव करे.
क्या इसका प्रयोग दुधि/लोकी में हो सकता है?
जी हा, इसका उपयोग दुधि, करेला, तरुबुज जैसी फसलों में किया जा सकता है.
क्या इसका कोई दुष्परिणाम होता है?
उचित मात्रा में इस्तेमाल होने पर इसका कोई दुष्प्रभाव नही होता.





